| Omerta | sur | les | clandestins, | par | Eva | Joly |
| | | | | | |
| S'adressant | au | pape, | Nicolas | Sarkozy |
| pp. prés. | | | | |
| affirmait | que | "c'est | en | pensant | à | la |
| imparf. | | | | pp. prés. | | |
| dignité | de | l'homme | que | nous | affrontons |
| | | | | prés. |
| la | si | délicate | question | de | l'immigration, |
| | | | | |
| sujet | immense | qui | demande | générosité, |
| | | prés. | |
| respect | de | la | dignité | et | en | même | temps |
| | | | | | | |
| prise | de | responsabilités". | Il | est |
| | | | prés. |
| temps | de | lever | le | voile | sur | la | triste |
| | infin. | | | | | |
| réalité | que | cachent | ces | belles | paroles. |
| | prés. | | | |
| Depuis | vingt-cinq | ans, | la | Cimade | porte |
| | | | | prés. |
| le | regard | de | la | société | civile | au | coeur |
| | | | | | | |
| des | centres | de | rétention | français. | Cette |
| | | | | |
| association | avait | été | approchée | par |
| p-q-p | | pp. passé | |
| le | gouvernement | dès | la | création | en | 1984 |
| | | | | | |
| de | l'enfermement | administratif | des |
| | | |
| étrangers, | car | son | histoire | était |
| | | | imparf. |
| liée, | plus | que | toute | autre, |
| pp. passé f.sg | | | | |
| à | cette | problématique. | Au | fil | des | ans, |
| | | | | | |
| la | Cimade | s'est | adaptée | à | une | législation |
| | prés. | pp. passé | | | |
| sans | cesse | modifiée | par | les | gouvernements |
| | | | | |
| successifs, | pour | exercer | tant | bien | que |
| | infin. | | | |
| mal | sa | mission | : | la | mise | en | oeuvre | de | l'exercice |
| | | | | | | | | |
| effectif | du | droit | des | étrangers | enfermés. |
| | | | | pp. passé m.pl |
| Depuis | 2003 | avec | l'instauration | d'une |
| | | | |
| politique | chiffrée | des | expulsions, |
| | | |
| la | Cimade | a | dû | réagir. | Le | plus | souvent |
| | p.c. | | infin. | | | |
| dans | l'indifférence | générale, | elle |
| | | |
| a | tenté | d'alerter | l'opinion | publique |
| p.c. | | infin. | | |
| sur | ce | dont | elle | seule | pouvait | témoigner |
| | | | | imparf. | infin. |
| : | la | dégradation | considérable | de | la | situation |
| | | | | | |
| Mais | aujourd'hui | le | rôle | de | cet | organisme |
| | | | | | |
| indépendant | est | menacé. | En | effet, |
| prés. | pp. passé | | |
| cette | mission | répond | à | un | marché | public, |
| | prés. | | | | |
| qu'à | l'occasion | de | son | renouvellement, |
| | | | |
| le | gouvernement | s'apprête | à | transformer |
| | prés. | | infin. |
| en | profondeur. | Désormais, | il | n'y | aura |
| | | | | futur |
| plus | sur | le | territoire | français | un | seul |
| | | | | | |
| observateur | à | même | de | publier | des | rapports |
| | | | infin. | | |
| couvrant | l'ensemble | des | sites | de | rétention, |
| | | | | |
| mais | une | multiplicité | d'intervenants |
| | | |
| Plus | personne | ne | sera | en | mesure | de | relever |
| | | futur | | | | infin. |
| les | disparités | de | pratique | administrative |
| | | | |
| et | judiciaire | de | la | rétention | sur | le | territoire |
| | | | | | | |
| ; | et | ce | d'autant | plus | que | les | titulaires |
| | | | | | | |
| de | ces | marchés | seront | tenus |
| | | futur | pp. passé m.pl |
| par | une | clause | de | neutralité | et | de | confidentialité. |
| | | | | | | |
| N'importe | quelle | "personne | morale" |
| | | |
| pourra | répondre, | de | l'organisme | parapublic |
| futur | infin. | | | |
| - | à | l'indépendance | très | relative | à | l'égard |
| | | | | | |
| du | gouvernement | - | à | l'entreprise | privée. |
| | | | | |
| La | rédaction | de | l'appel | d'offres | suscite |
| | | | | prés. |
| le | doute | sur | la | nature | de | la | nouvelle | mission |
| | | | | | | | |
| : | alors | que | la | Cimade | aide | activement |
| | | | | prés. | |
| les | "retenus", | les | assiste | pour | rédiger |
| | | prés. | | infin. |
| des | recours | administratifs, | le | nouveau |
| | | | |
| marché | semble | ne | prévoir | que | la | distribution |
| prés. | | infin. | | | |
| d'un | fascicule | d'information | "en | vue |
| | | | |
| de | l'exercice | de | leurs | droits". | Soit |
| | | | | |
| un | double | feuillet | en | guise | d'introduction |
| | | | | |
| au | code | des | étrangers, | voilà | une | touchante |
| | | | | | |
| attention | qui | ne | risque | pas | de | rendre |
| | | prés. | | | infin. |
| les | retenus | trop | procéduriers. |
| | | |
| Je | ne | veux | pas | prendre | la | défense | de | cette |
| | prés. | | infin. | | | | |
| association | à | laquelle | je | ne | suis | liée |
| | | | | prés. | pp. passé f.sg |
| en | aucune | manière, | mais | je | veux | témoigner |
| | | | | prés. | infin. |
| de | ce | que | la | mission | qu'elle | occupait |
| | | | | | imparf. |
| jusqu'à | présent | est | d'une | importance |
| | prés. | | |
| fondamentale. | A | ceux | qui | m'objectent |
| | | | prés. |
| qu'aucun | pays | européen | n'est | doté |
| | | prés. | pp. passé |
| d'une | telle | structure, | je | réponds | que |
| | | | prés. | |
| la | Chine | et | les | Etats-Unis | non | plus | ; | et |
| | | | | | | | |
| qu'il | n'est | en | cette | matière | aucune | norme |
| prés. | | | | | |
| supérieure | à | celle | que | nous | dictent | nos |
| | | | | prés. | |
| principes, | dont | le | fondement | doit | demeurer |
| | | | prés. | infin. |
| la | Déclaration | universelle | des | droits |
| | | | |
| Cette | réforme | mineure | en | apparence | est |
| | | | | prés. |
| emblématique | de | la | perte | de | repères | de |
| | | | | | |
| notre | pays | et | de | sa | dérive | vers | des | pratiques |
| | | | | | | | |
| toujours | plus | éloignées | des | idéaux | qui |
| | | | | |
| l'ont | fondé. | Les | étrangers | sans | papiers |
| p.c. | | | | | |
| sont | vulnérables | et | c'est | l'honneur |
| prés. | | | prés. | |
| de | notre | pays | que | de | leur | garantir | de | pouvoir |
| | | | | | infin. | | |
| exercer | réellement | ce | peu | de | droits | que |
| infin. | | | | | | |
| notre | législation | leur | concède. |
| | | prés. |
| Chacun | sait | que | la | lutte | contre | l'immigration |
| prés. | | | | | |
| clandestine | est | un | arbitrage | permanent |
| prés. | | | |
| entre | le | respect | des | droits | humains | et |
| | | | | | |
| la | volonté | de | réduire | le | flux | migratoire. |
| | | | | | |
| Cette | équation | n'a | pas | varié | depuis |
| | p.c. | | | |
| que | le | pays | a | fermé | ses | frontières |
| | | p.c. | | | |
| en | 1974. | Ce | que | chacun | doit | comprendre, |
| | | | | prés. | infin. |
| c'est | que | cet | arbitrage | ne | peut | pas | être |
| prés. | | | | | prés. | | infin |
| indéfiniment | en | défaveur | des | droits |
| | | | |
| de | l'homme. | Il | arrive | un | moment | où | le | dispositif |
| | | prés. | | | | | |
| ne | peut | plus | être | durci | sans | trahir |
| prés. | | infin. | pp. passé | | infin. |
| Cette | limite | atteinte, | il | faut | savoir |
| | | | prés. | infin. |
| admettre | - | publiquement | - | que | malgré |
| infin. | | | | | |
| tous | les | efforts | de | la | force | publique, |
| | | | | | |
| le | dispositif | laisse | du | jeu. | Même | la | Corée |
| | prés. | | | | | |
| du | Nord | ne | parvient | pas | à | rendre | totalement |
| | | prés. | | | | |
| étanche | ses | frontières. | Je | m'étonne |
| prés. | | | | prés. |
| de | ce | que | la | question | de | cette | limite | ne |
| | | | | | | | |
| soit | pas | publiquement | posée. |
| subj. prés. | | | pp. passé |
| Il | faut | dire | qu'elle | comporte | certains |
| prés. | infin. | | prés. | |
| La | politique | du | chiffre | est | en | effet |
| | | | prés. | | |
| une | course | en | avant. | Des | résultats | tangibles |
| | | | | | |
| en | valeur | absolue | étant | hors | de | portée |
| | | pp. prés. | | | |
| (la | diminution | du | nombre | de | clandestins |
| | | | | |
| sur | le | territoire | par | les | reconduites |
| | | | | |
| demeure | dérisoire), | le | gouvernement |
| | | |
| focalise | sa | communication | sur | l'augmentation |
| prés. | | | | |
| du | chiffre | de | reconduites | d'une | année |
| | | | | |
| sur | l'autre. | La | mise | en | oeuvre | de | cette |
| | | | | | | |
| augmentation | statistiquement | marginale |
| | |
| a | un | coût | moral | tout | à | fait | exorbitant. |
| prés. | | | | | | | |
| Mais | le | spectacle | du | volontarisme | politique |
| | | | | |
| ne | s'encombre | pas | de | ce | genre | de | détails. |
| prés. | | | | | | |
| Ainsi, | si | la | France | ratifie | la | directive |
| | | | prés. | | |
| retour | votée | récemment | au |
| pp. passé f.sg | | |
| Parlement | européen, | autorisera-t-on |
| | futur |
| l'enfermement | des | étrangers | pendant |
| | | |
| dix-huit | mois | consécutifs | ? | Cette | mesure |
| | | | | |
| est | aussi | cruelle | qu'inutile | puisque |
| prés. | | | | |
| l'on | sait | qu'une | reconduite | matériellement |
| prés. | | | |
| réalisable | intervient | presque | toujours |
| prés. | | |
| dans | les | premières | semaines | de | la | rétention. |
| | | | | | |
| De | même, | doit-on | redouter | qu'en | vertu |
| | prés. | infin. | | |
| de | ses | objectifs | chiffrés, | la | France |
| | | | | |
| n'entérine | le | principe | des | reconduites |
| prés. | | | | |
| de | mineurs | isolés | vers | des | pays | de | transit |
| | | | | | | |
| où | ils | n'ont | aucune | attache. |
| | prés. | | |
| Cette | politique | recèle | d'autres | dangers |
| | prés. | | |
| : | la | pression | grandissante | exercée |
| | | | pp. passé f.sg |
| sur | les | préfectures, | les | services | de |
| | | | | |
| police, | de | gendarmerie | et | sur | la | justice |
| | | | | | |
| est | une | incitation | permanente | à | franchir |
| prés. | | | | | infin. |
| la | ligne | rouge | de | la | légalité | républicaine. |
| | | | | | |
| Des | traquenards | autour | des | écoles | aux |
| | | | | |
| guets-apens | devant | les | guichets | de | préfecture |
| | | | | |
| en | passant | par | les | rafles | aux | sorties |
| pp. prés. | | | | | |
| de | métro, | la | réalité | d'aujourd'hui | menace |
| | | | | prés. |
| d'ores | et | déjà | notre | identité | nationale. |
| | | | | |
| Ne | louvoyons | pas | avec | l'Etat | de | droit, |
| prés. | | | | | |
| nous | avons | tout | à | perdre | et | rien | à | gagner. |
| | | | infin. | | | | infin. |
| Alors | que | dans | les | services | publics, |
| | | | | |
| l'heure | est | à | la | modernisation, | les |
| prés. | | | | |
| administrations | concernées | par | l'immigration |
| | | |
| clandestine | s'enfoncent | tous | les | jours, |
| prés. | | | |
| un | peu | plus, | dans | des | méandres | kafkaïens. |
| | | | | | |
| Je | sais | que | dans | le | pays | de | Voltaire | et |
| prés. | | | | | | | |
| de | Rousseau, | il | est | devenu | chic |
| | | prés. | pp. passé | |
| de | mépriser | le | "droit-de-l'hommisme", |
| infin. | | |
| je | sais | que | le | terrain | est | idéologiquement |
| prés. | | | | | |
| quadrillé | et | que | quelques | formules | lapidaires |
| | | | | |
| ont | chauffé | à | blanc | les | opinions | : | "angélisme", |
| p.c. | | | | | | | |
| "régularisation | massive", | "appel | d'air", |
| | | |
| Je | sais | aussi | que | la | gauche | est | pétrifiée |
| prés. | | | | | prés. | pp. passé f.sg |
| par | ce | sujet, | mais | je | veux | prendre | ici |
| | | | | prés. | infin. | |
| à | témoin | ceux | qui | ont | l'espoir | de | refonder |
| | | | prés. | | | infin. |
| une | démocratie | sociale | sur | des | idées |
| | | | | |
| claires | : | nous | ne | gagnerons | jamais | en |
| | | | futur | | |
| reniant | nos | principes. |
| pp. prés. | | |
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