| Draußen | tobt | die | Krise, | doch | Deutschland |
| | nom. f. | | | |
| bleibt | cool. | Das | Land | besinnt | sich |
| | nom. n. | | | |
| einer | alten | Stärke. | Sie | heißt: | Solidarität
|
| f. | | | | | |
| Die | Deutschen | sind | eine | coole |
| nom. pl. | | | nom. f. | |
| Nation | geworden. | Mag | es | in | der | Weltwirtschaft |
| | | | | | |
| krachen, | mögen | Banken | abstürzen | und |
| | | | |
| selbst | große | traditionsreiche | Unternehmen |
| | | |
| in | die | Knie | gehen | – | die | Bürger |
| acc. f. | | | | nom. pl. | |
| Fatalismus | oder | neues | Selbstbewusstsein? |
| | | |
| Wahrscheinlich | ist | von | beidem | etwas |
| | | | |
| dabei. | Vor | allem | aber | ist | uns | das |
| | | | | | nom. n. |
| Leben | mit | der | Krise | so | fremd | nicht. |
| | dat. f. | | | | |
| Gerade | einmal | sieben | Jahre | ist | es | her, |
| | | | | | |
| da | platzte | die | New-Economy-Blase, |
| | nom. f. | |
| vor | vier | Jahren | erlebte | das | Land |
| | | | nom. n. | |
| fünf | Millionen | Arbeitslose.
|
| | |
| Soziale | Unruhen, | vor | denen | jüngst | DGB-Chef |
| | | | | |
| Michael | Sommer | und | Gesine | Schwan | warnten, |
| | | | | |
| die | SPD-Kandidatin | fürs | Bundespräsidentenamt, |
| nom. f. | | acc. n. | |
| hat | das | Land | dennoch | nicht | erlebt; |
| nom. n. | | | | |
| auch | jetzt | glaubt | niemand | ernsthaft |
| | | | |
| Das | hat | mit | einer | besonderen | Erfahrung |
| | | gen. f. | | |
| zu | tun. | Sie | stammt | aus | der | Zeit | des |
| | | | | dat. f. | | gen. m. |
| jüngsten | Aufschwungs, | den | wir | 2006 | und |
| | | | | |
| 2007 | erlebten. | Während | nämlich | die |
| | | | nom. f. |
| Politik | noch | stritt, | wie | denn | die |
| | | | | nom. f. |
| beste | Arbeitsmarkt- | und | Wirtschaftspolitik |
| | | |
| aussehen | könnte, | hatten | Arbeitnehmer |
| | | |
| und | Unternehmer | längst | selbst | Hand | angelegt. |
| | | | | |
| Sie | schlossen | betriebliche | Bündnisse, |
| | | |
| leisteten | mehr | und | hielten | sich | dennoch |
| | | | | |
| in | ihren | Lohnforderungen | zurück. | Zudem |
| | | | |
| zeigten | sie | sich | flexibel, | wenn | es | um |
| | | | | | |
| Arbeitszeiten | und | die | betriebliche |
| | nom. f. | |
| Auch | im | Krisenjahr | 2009 | besinnt |
| dat. n. | | | |
| sich | das | Land | auf | jene | Erfahrung. |
| nom. n. | | | | |
| Unternehmer | und | Mitarbeiter | sorgen |
| | | |
| mithilfe | der | Kurzarbeit | dafür, | dass |
| | | | |
| sich | die | Arbeitslosigkeit | im |
| acc. f. | | dat. m. |
| Rahmen | hält. | Arbeiter | und | Angestellte |
| | | | |
| fordern | schon | ausgehandelte | Lohnerhöhungen |
| | | |
| nicht | ein. | Verantwortungsvolle | Manager |
| | | |
| begreifen, | dass | sie | und | ihre | Führungskräfte |
| | | | | |
| auch | persönlich | auf | Geld | verzichten |
| | | | |
| Die | Lehre | daraus | heißt: | Deutschland |
| nom. f. | | | | |
| muss | nicht | in | Angst | und | Verzagtheit | versinken. |
| | | | | | |
| Das | Land | kann | sich | selbst | helfen, |
| nom. n. | | | | | |
| wenn | es | solidarisch | handelt.
|
| | | |
| Allerdings | muss | es | dabei | fair | zugehen. |
| | | | | |
| Überzogene | Managergehälter, | 25-Prozent-Rendite-Forderungen, |
| | |
| ohne | dass | die | Belegschaft | viel | davon |
| | | | | |
| hätte, | Tricksereien | gegen | durchaus |
| | | |
| nachvollziehbare | Lohnforderungen |
| |
| wie | weiland | bei | der | Bahn: | All | das |
| | | dat. f. | | | |
| trübt | den | Einklang | von | Mitarbeitern |
| acc. m. | | | |
| und | Unternehmen. | Der | Mensch | handelt |
| | nom. m. | | |
| gerne | im | Sinne | des | Ganzen | – | aber |
| dat. m. | | | | | |
| eben | nur | solange | die | anderen | das |
| | | nom. pl. | | |
| Nun | muss | sich | zunächst | jedes | Individuum |
| | | | | |
| einzeln | fragen | lassen, | wie | fair | es | mit |
| | | | | | |
| seinen | Mitmenschen | umgeht; | und | es | liegt |
| | | | | |
| nahe, | sich | stur | eigennützig | zu | verhalten. |
| | | | | |
| Doch | wenn | das | alle | tun, | hilft | es | keinem. |
| | | | | | | |
| Das | gerne | zitierte | Beispiel | aus |
| nom. m. | | | | |
| dem | Fußballstadion | illustriert |
| dat. n. | | |
| es. | Wenn | einer | aufsteht, | sieht | er | mehr; |
| | | | | | |
| jedoch | zwingt | er | die | anderen, | dann |
| | | acc. pl. | | |
| ebenfalls | aufzustehen. | Am | Ende |
| | dat. n. | |
| sehen | alle | genauso | viel | wie | vorher. | Nur |
| | | | | | |
| Sollte | ich | also | aus | purer | Nächstenliebe |
| | | | | |
| sitzen | bleiben? | Oder, | schwerer | noch, |
| | | | |
| mich | wieder | setzen, | vielleicht | sogar |
| | | | |
| als | erster? | Wer | garantiert | schon, | dass |
| | | | | |
| die | anderen | es | auch | tun?
|
| nom. pl. | | | | |
| Diesem | Dilemma | begegnet | unsere | Gesellschaft, |
| dat. n. | | | | |
| indem | sie | Solidarität | zu | einem | ihrer |
| | | | | |
| Grundwerte | erhebt. | Entkleidet | aller |
| | | |
| parteilicher, | ideologischer | und | gutmenschlicher |
| | | |
| Gewänder | steckt | hinter | diesem | Wort |
| | | dat. n. | |
| ein | einfacher | Deal: | Wenn | Du | mir | hilft, |
| nom. n. | | | | | | |
| helfe | ich | Dir | - | und | wir | legen | vorher | fest, |
| | | | | | | | |
| welche | Leistung | im | Fall | der |
| | dat. m. | | gen. pl. |
| Die | Bundesrepublik | hat | dieses |
| nom. f. | | | acc. n. |
| Prinzip | seit | ihrer | Gründung | in | vielfältige |
| | dat. f. | | | |
| Regelwerke | gegossen. | Das | System |
| | nom. n. | |
| der | Sozialversicherungen, | wie |
| gen. pl. | | |
| es | heute | existiert, | verschafft | dem |
| | | | dat. n. |
| Land | große | Stabilität. | Es | schützt | die |
| | | | | acc. pl. |
| Schwachen, | die | dadurch | eine | Chance |
| nom. pl. | | | |
| auf | sozialen | Fortschritt | erlangen.
|
| | | |
| Noch | bis | 1957 | sparte | beispielsweise |
| | | | |
| jeder | Arbeitnehmer | in | der | Bundesrepublik |
| | | dat. f. | |
| seine | Rente | nur | für | sich | persönlich | an; |
| | | | | | |
| Altersarmut | war | allgegenwärtig. | Erst |
| | | |
| seit | die | Lohn- | und | Gehaltsempfänger |
| nom. pl. | | | |
| von | heute | die | Rentner | von | heute | finanzieren, |
| | | | | | |
| geht | es | der | Masse | der | alten |
| | dat. f. | | gen. pl. | |
| Menschen | besser. | Zwar | ist | es | für | die |
| | | | | | acc. pl. |
| Jungen | heutzutage | weitaus | unsicherer, |
| | | |
| wie | hoch | ihre | gesetzliche | Rente | dereinst |
| | | | | |
| ausfallen | wird. | Angesichts | der |
| | | gen. pl. |
| Verwerfungen | an | den | Finanzmärkten |
| | dat. pl. | |
| erweist | sich | dieses | System | jedoch | gerade |
| | | | | |
| als | weitaus | stabiler | als | mancher | private |
| | | | | |
| Der | Vorteil | dieser | institutionalisierten |
| nom. m. | | gen. f. | |
| Form | von | Solidarität | ist | die | relative |
| | | | nom. f. | |
| Sicherheit, | die | der | Einzelne |
| acc. f. | nom. m. | |
| erlangt. | Man | weiß: | Ich | tue, | was | ich | will. |
| | | | | | | |
| Aber | wenn’s | schief | geht, | stürze | ich | nicht |
| | | | | | |
| ins | Bodenlose. | Was | für | mich | gilt, | gilt |
| | | | | | |
| auch | für | alle | anderen, | die | sich |
| | | | nom. pl. | |
| auf | das | Geschäft | einlassen. | So | entsteht |
| acc. n. | | | | |
| Sicherheit, | und | aus | ihr | wächst | Vertrauen, |
| | | | | |
| das | Schmiermittel | jeder | Marktwirtschaft. |
| nom. n. | | | |
| Auch | der | Staat | gewinnt. | Wenn | sich |
| nom. m. | | | | |
| seine | Bürger | gegenseitig | absichern, |
| | | |
| muss | er | nicht | wohltätig | einspringen. |
| | | | |
| Oder, | abstrakter | mit | dem | ehemaligen |
| | | dat. m. | |
| Verfassungsrichter | Winfried | Hassemer |
| | |
| gesprochen: | "Solidarität | macht | Räume |
| | | |
| privaten | Handelns | sicherer | und | weiter, |
| | | | |
| und | wo | unsere | Bereitschaft, | solidarisch |
| | | | |
| zu | handeln, | ein | Ende | hat, | findet |
| | acc. n. | | | |
| auch | der | Raum, | in | dem | ich | mit | mir | tun |
| nom. m. | | | | | | | |
| kann, | was | ich | will, | seine | Wand."
|
| | | | | |
| Allerdings | ist | Solidarität | keineswegs |
| | | |
| ein | allumfassender | Wert. | Denn | es | lässt |
| | | | | |
| sich | nur | jener | gerne | darauf | ein, | der | ähnliche |
| | | | | | | |
| Übel | fürchtet | wie | sein | Gegenüber. | Die |
| | | | | |
| Verkäuferin | weiß | beispielsweise, | dass |
| | | |
| es | ihr | im | Notfall | schwer | fallen | wird, |
| | | | | | |
| sich | alleine | gegen | Krankheitsfolgen |
| | | |
| zu | schützen; | der | Facharbeiter | weiß |
| | nom. m. | | |
| es | auch. | Beide | schlüpfen | deshalb | gerne |
| | | | | |
| unter | den | Schirm | einer | größeren |
| acc. m. | | gen. f. | |
| Gemeinschaft, | auch | wenn | sie | dafür | mit |
| | | | | |
| ihren | Beiträgen | manchen | mitfinanzieren |
| | | |
| müssen, | dessen | Versorgung | teurer | ist |
| | | | |
| Wer | sich | jedoch | aufs | eigene | Vermögen |
| | | acc. n. | | |
| verlassen | kann, | zahlt | ungern | in | ein | System |
| | | | | | |
| ein, | welches | vermeintliche | Habenichtse |
| | | |
| durchfüttert. | Weshalb | die | institutionalisierte |
| | | |
| Solidarität | immer | noch | klassenbezogen |
| | | |
| organisiert | ist: | Besserverdienende |
| | |
| versichern | sich | lieber | privat | gegen |
| | | | |
| Krankheitskosten | als | gesetzlich; | Ärzte |
| | | |
| oder | Anwälte | steigen | aus | der | allgemeinen |
| | | | dat. f. | |
| Rentenversicherung | aus | und | bilden | ihr |
| | | | |
| eigenes | Versorgungssystem.
|
| |
| Auch | nach | unten | grenzt | sich | das | institutionalisierte |
| | | | | | |
| Solidarsystem | ab. | Denn | das | Grundprinzip |
| | | | |
| – | nur | wer | einzahlt, | erhält | auch | Leistungen |
| | | | | | |
| – | hält | viele | außen | vor, | die | der | Hilfe | bedürfen: |
| | | | | | | | |
| die | alleinerziehende | Hartz-IV-Empfängerin, |
| | |
| den | Langzeitarbeitslosen, | den | prekär |
| | | |
| Beschäftigten. | Zwar | sind | sie | alle | gesetzlich |
| | | | | |
| krankenversichert, | auch | Rentenbeiträge |
| | |
| werden | für | sie | abgeführt | – | jedoch | nur, |
| | | | | | |
| weil | der | Staat | als | Zahler | und | Bürge | einspringt.
|
| | | | | | | |
| Solidarität | alleine, | zumal | in | ihrer |
| | | | |
| institutionalisierten | Form, | schafft |
| | |
| also | längst | noch | keine | gerechte | Welt. |
| | | | | |
| Sie | verhindert | auch | nicht | automatisch, |
| | | | |
| dass | die | Ungleichheit | im | Land | zunimmt. |
| | | | | |
| Aber | wenn | sie | zum | Grundton | des | Diskurses |
| | | | | | |
| wird, | wächst | dadurch | die | Chance, | dass |
| | | | | |
| eine | Gesellschaft | auf | der | Suche | nach |
| | | | | |
| einem | gerechten | Ausgleich | den | Möglichkeitsraum |
| | | | |
| Weshalb | es | gilt, | das | solidarische | Denken |
| | | | | |
| ständig | zu | stärken. | Denn | die | Hilfebedürftigen |
| | | | | |
| haben | einen | Anspruch | darauf, | dass | sich |
| | | | | |
| die | Gesellschaft | mit | ihrer | Not | auseinander |
| | | | | |
| setzt. | Nicht | aus | purer | Freundlichkeit, |
| | | | |
| nicht | aus | Menschenliebe | oder | Mildtätigkeit, |
| | | | |
| sondern | aus | der | Erfahrung | heraus, | dass |
| | | | | |
| die | Pflicht | zur | gegenseitigen | Hilfe |
| | | | |
| jedem | Bürger | zum | eigenen | Vorteil | gereicht.
|
| | | | | |
| Welche | Errungenschaften | schätzen | Sie |
| | | |
| an | der | deutschen | Gesellschaft? | Was | wäre |
| | | | | |
| wichtiger | als | ein | starker | Sozialstaat? |
| | | | |
| Was | haben | wir | in | 60 | Jahren | unserer | Geschichte |
| | | | | | | |
| erreicht, | was | fehlt? | In | den | kommenden |
| | | | | |
| Tagen | werden | ZEIT-ONLINE-Redakteure |
| | |
| dazu | Stellung | nehmen. | Bisher | erschienen: |
| | | | |
| Johannes | Kuhns | Plädoyer | für | mehr | bürgerschaftliches |
| | | | | |
| Engagement. | Diskutieren | Sie | mit | und |
| | | | |
| schreiben | Sie | auf, | welche | Werte | Ihrer |
| | | | | |
| Meinung | nach | gerade | jetzt | wichtig | sind! |
| | | | | |
URL: http://images.zeit.de/text/online/2009/21/solidaritaet
No comments:
Post a Comment